
अब आगे…
चंचल खुशी से अपने होंठों को अंदर की तरफ दबाते हुए ख़ुद में सोचते हुए कहती हैं, "ओह तो इ बात हैं! मानना पड़ेगा ऋतिक बाबू आप तो बड़े पहुंचे हुए चीज़ निकले। हम तो इहा खामखां तमाशा करने वाले थें।", सोचते हुए वो अपनी नज़र चारों ओर घुमाती हैं।

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चंचल खुशी से अपने होंठों को अंदर की तरफ दबाते हुए ख़ुद में सोचते हुए कहती हैं, "ओह तो इ बात हैं! मानना पड़ेगा ऋतिक बाबू आप तो बड़े पहुंचे हुए चीज़ निकले। हम तो इहा खामखां तमाशा करने वाले थें।", सोचते हुए वो अपनी नज़र चारों ओर घुमाती हैं।
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