बड़की अम्मा अभी अपनी थाली में लगे खाने को देख ही रही थीं, कि मीना जी बोलती हैं, "इ सब नइकी दुल्हिन बनाई हैं। आपके खातिर..."
बड़की अम्मा की आँखें आँखें एक दम से तिरछी होकर यति पर टिकी उन्होंने अपना एक तरफ़ का आई ब्रोज उठा कर यति को घूरा। यति जो ऋषभ और आराध्या को खिलाते खिलाते रूक सी गई थीं। अचानक बड़की अम्मा को घूरता देख मासूम सा पाउटिंग फेस बना कर उन्हें अपनी मासूमियत की जाल में फंसाने की कोशिश करने लगीं।
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