आदर्श बिना यति की कोई बात सुने उसे उस शख़्स की बाहों से खींच कर अपनी तरफ़ करता हैं। यति का बदन ख़ुद उसके बस में नहीं था। डर के मारे डूबता उसका शरीर बेतहाशा कांप रहा था। वो फ़ौरन आदर्श के गले में अपनी बांहे लपेट कर खुदको बचाने की कोशिश करती हैं।
आदर्श उसकी कमर को इतनी मजबूती से पकड़ता हैं कि तभी यति के मुंह से दर्द भरी आह निकल जाती हैं।
Write a comment ...