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𝟑𝟑. 𝐅𝐢𝐫𝐞 𝐁𝐡𝐚𝐮𝐣𝐢

कोयल गुस्से में तेज़ कदमों से हवेली के अंदर दाख़िल हो अपने कमरे की ओर बढ़ती हैं। माया भाभी जो ऋषभ और आराध्या के लिए मिल्क शेक लेकर किचन से बाहर निकली ही थीं की उनकी नज़र सीढ़ियों से जाती कोयल पर पड़ती हैं। कोयल को देखते ही उनका गुस्सा उनके आपे से बाहर हो जाता हैं। वह आस पास देख कर तेज़ कदमों से कोयल की ओर बढ़ जाती हैं।

माया भाभी कोयल के कमरे के बाहर आती हैं। जैसे ही दरवाज़ा खोलने के लिए उन्होंने हैंडल पकड़ा उनकी भौंहे सिकुड़ गई। उन्होंने गुस्से में दरवाज़े पर हाथ पीटते हुए कोयल से कहा,

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