
आदर्श थोड़ी संजीदगी से साहू से बातें कर रहा था। काफ़ी वक़्त गुज़र जाता हैं लेकिन जब वह यति की वापस लौटता नहीं पता तो वो साहू की बात बीच में टोकते हुए कहता हैं,
"ऐ जाके देख के आओ जोरू किधर हैं।"

आदर्श थोड़ी संजीदगी से साहू से बातें कर रहा था। काफ़ी वक़्त गुज़र जाता हैं लेकिन जब वह यति की वापस लौटता नहीं पता तो वो साहू की बात बीच में टोकते हुए कहता हैं,
"ऐ जाके देख के आओ जोरू किधर हैं।"
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