
आदर्श के इतने Intense gestures को feel कर यति की धड़कनें अपने आप तेज़ हो गई उसकी सांसें इस क़दर बेकाबू हो गई कि उसके चेहरे की रंगत सुर्ख पड़ने लगीं। उसकी नशीली आंखों पर पर्दा किए वो घनी पलकें अपने आप मचलने लगीं। कांपते होंठ कुछ कहने के लिए मचलने लगते हैं। वहीं यति को अपने जिस्म का खून गर्म होकर उल्टी रफ़्तार में दौड़ता हुआ महसूस होने लगता हैं।
वहीं बड़ी मुश्किल से अपनी बेकाबू सांसों पर काबू कसते हुए कहती हैं,


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