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𝟒𝟏. "बड़ा ख़तरनाक काटी

जी भर कर आदर्श का खून पीने के बाद यति आदर्श के होंठों को छोड़ गहरी गहरी सांस लेने लगती हैं। आदर्श अपने पर ज़बान फेरता हैं तो एक जलन सी महसूस कर उसने अपने ज़बान वापस अंदर ले ली। यति भी आदर्श को घूरते हुए अपने होंठों को साफ़ करतीं हैं। अपने हाथ पर खून देख यति को अब एक दम से आदर्श के दर्द का एहसास हुआ। यति एक नज़र और आदर्श के होंठों को देख कर, उसके गोद से खड़ी होकर Bed की तरफ़ जाती हैं।

आदर्श धीरे से अपने होंठ के किनारे पर अंगूठे को घुमाता हुआ अंगूठे को देखता हैं।

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I write of hearts that burn brightest in the dark.