
दोनों एक दूसरे की आंखों में झांक ही रहें थें। की अचानक आदर्श के सिर में तेज़ दर्द हुआ। उसने एक दम से अपनी आँखें बंद कर अपने माथे को यति के सिर से जोड़ कर खुदको उस पर थोड़ा संभाल कर छोड़ा जिससे उसकी बॉडी को भी थोड़ा रेस्ट मिले और यति को भी उसकी बॉडी से कोई पेन ना हो।
हालांकि आदर्श के फेस पर दर्द देखना नामुमकिन था। लेकिन फ़िर भी यति उसके दर्द को महसूस कर एक दम से उसके गाल पर हाथ रखें फ़िक्र से भरी हुई पूछती हैं,


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