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𝟒𝟕.𝐃𝐨𝐦𝐢𝐧𝐚𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐲𝐚𝐭𝐢!

केतना दिन हो गया। यति का उ बकबक सुने हुए। बस अब जल्दी से उ आ जाएं तो अपना हवेली और खुशी से भर जाएगा। की नहीं चंचल?", माया भाभी खुशी से फुले ना समाते हुए चंचल के कंधे पर हाथ रख कर उससे सवाल करती हैं।

चंचल अपनी मुट्ठियां मजबूती से कसे खड़ी थीं।

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I write of hearts that burn brightest in the dark.