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𝟓𝟏. 𝐂𝐡𝐚𝐧𝐜𝐡𝐚𝐥 𝐤𝐢 𝐤𝐚𝐝𝐰𝐚𝐡𝐚𝐭

आदर्श ने अभी बस कोयल का हाथ ही पकड़ उसे संभाला था। और इतने में ही यति का गुस्सा देखने लायक़ था। की तभी अचानक आदर्श कोयल को अपनी गोद में उठा कर हवेली से बाहर भागता हैं।

बस कोयल को आदर्श की बाहों में देखा कर मानों यति का दिमाग़ घूम चुका था। वो आंखों में अंगारे लिया बस आदर्श को को ही इस कदर घूरे जा रहीं थीं। जैसे किसी भी पल वह आदर्श की जान ले लें।

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I write of hearts that burn brightest in the dark.